नवीन निश्चल: स्टारडम, घमंड और बर्बादी की कहानी

 

नवीन निश्चल: स्टारडम, घमंड और बर्बादी की कहानी

बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकार हुए हैं, जिन्होंने चमकदार करियर के बावजूद अपने ही घमंड और गलतियों से खुद को बर्बाद कर लिया। ऐसे ही एक सुपरस्टार थे नवीन निश्चल, जिन्होंने 70 के दशक में बड़ा नाम कमाया, लेकिन धीरे-धीरे उनकी जिंदगी विवादों और संघर्षों में उलझती चली गई।

बॉलीवुड के एक सुपरस्टार की दुखद दास्तान
नवीन निश्चल - बॉलीवुड सुपरस्टार 


नवीन निश्चल का फिल्मी सफर

रेखा के साथ किया था डेब्यू

नवीन निश्चल का जन्म 11 अप्रैल 1946 को लाहौर (अब पाकिस्तान) में हुआ था। स्कूल की पढ़ाई के बाद उन्होंने मॉडलिंग की ओर रुख किया और बाद में पुणे के फिल्म इंस्टीट्यूट से अभिनय की बारीकियां सीखीं। इसके बाद डायरेक्टर मोहन सहगल ने उन्हें अपनी फिल्म 'सावन भादो' (1970) में मौका दिया, जिसमें उनके साथ रेखा भी थीं। यह फिल्म सुपरहिट रही और नवीन रातों-रात स्टार बन गए।

घमंड बना करियर के पतन की वजह

एक समय था जब नवीन निश्चल बॉलीवुड के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर्स में से एक थे। साल 1971 में उनकी 'बुड्ढा मिल गया', 'नादान', 'गंगा तेरा पानी अमृत' और 'परवाना' जैसी फिल्में रिलीज हुईं। खासकर 'परवाना' में उनके साथ एक छोटे रोल में अमिताभ बच्चन भी नजर आए। लेकिन इस दौरान नवीन के सिर पर घमंड सवार हो गया। उन्होंने अमिताभ के साथ फोटोशूट कराने से इनकार कर दिया और उन्हें "छोटा कलाकार" कहकर नजरअंदाज कर दिया।

बड़े प्रोजेक्ट्स को ठुकराया

नवीन निश्चल ने घमंड में आकर कई बड़ी फिल्में छोड़ दीं, जिनमें 'मेरे अपने', 'रोटी, कपड़ा और मकान' और 'दीवार' शामिल थीं। इन फिल्मों में बाद में विनोद खन्ना और शशि कपूर ने काम किया और ये सभी फिल्में सुपरहिट साबित हुईं। नवीन की नखरेबाजी और ग़लत आदतें उनके करियर के लिए नुकसानदायक साबित हुईं।

व्यक्तिगत जीवन और विवाद

प्रेम, शादी और धोखा

नवीन निश्चल ने अपने करियर की शुरुआत में ही देवानंद की भांजी नीलू कपूर से शादी की। लेकिन जल्द ही उनकी नजदीकियां अभिनेत्री पद्मिनी कपिला से बढ़ने लगीं। यह रिश्ता इतना आगे बढ़ा कि 1976 में उन्होंने नीलू कपूर को तलाक दे दिया। लेकिन कुछ समय बाद पद्मिनी ने उन्हें छोड़कर डायरेक्टर प्रकाश मेहरा से रिश्ता बना लिया।

पत्नी की आत्महत्या और जेल की सजा

साल 1996 में नवीन ने गीतांजलि से दूसरी शादी की। लेकिन कुछ समय बाद घरेलू कलह बढ़ गई और नवीन के भाई ने उन्हें अपने घर से निकाल दिया। इसके तीन महीने बाद गीतांजलि ने आत्महत्या कर ली और अपने सुसाइड नोट में नवीन और उनके भाई पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। इसके चलते उन्हें जेल जाना पड़ा और लंबा केस चला। हालांकि, कुछ समय बाद उन्हें जमानत मिल गई।

दुखद अंत

होली के दिन हार्ट अटैक से निधन

9 मार्च 2011 को नवीन निश्चल अपने दोस्त और निर्माता गुरदीप सिंह के साथ पुणे होली मनाने जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने कार का एसी कम करने के लिए कहा, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई

निष्कर्ष

नवीन निश्चल की कहानी बॉलीवुड के उस अंधेरे पक्ष को उजागर करती है, जहां स्टारडम और घमंड कई कलाकारों को बर्बादी की ओर धकेल देते हैं। यदि उन्होंने सही फैसले लिए होते और अपने स्वभाव में विनम्रता रखी होती, तो शायद आज उनकी कहानी कुछ और होती।


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