90 के दशक की इस एक्ट्रेस ने लड़ी कैंसर से जंग और फ़िल्मों में की दमदार वापसी

 

90 के दशक की इस एक्ट्रेस ने लड़ी कैंसर से जंग और फ़िल्मों में की दमदार वापसी

बॉलीवुड की इस मशहूर अदाकारा ने 90 के दशक में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज किया। लेकिन उनके जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें न केवल निजी जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ा, बल्कि एक जानलेवा बीमारी ने उनकी जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और एक नई ऊर्जा के साथ बॉलीवुड में वापसी की। हम बात कर रहे हैं मनीषा कोइराला के बारे में। आइए जानते हैं उनकी इस संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी।

90 के दशक की इस एक्ट्रेस ने लड़ी कैंसर से जंग और फ़िल्मों में की दमदार वापसी
90 के दशक की इस एक्ट्रेस ने लड़ी कैंसर से जंग और फ़िल्मों में की दमदार वापसी

 


प्रारंभिक जीवन और फिल्मी करियर

मनीषा कोइराला का जन्म 16 अगस्त 1970 को नेपाल के एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार में हुआ था।

  • उनके पिता प्रकाश कोइराला एक राजनेता थे।
  • मनीषा ने अपनी पढ़ाई वाराणसी के एक स्कूल से पूरी की और फिर दिल्ली आ गईं।
  • उनकी पहली फिल्म थी 'सौदागर' (1991), जिसमें उन्होंने राज कुमार और दिलीप कुमार के साथ काम किया।

इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक हिट फिल्में दीं:
1942: ए लव स्टोरी (1994)
बॉम्बे (1995)
गुप्त (1997)
दिल से (1998)
खामोशी (1996)

👉 मनीषा की खूबसूरती और दमदार अभिनय ने उन्हें इंडस्ट्री की टॉप हीरोइनों में शामिल कर दिया।


निजी जीवन की परेशानियां और कैंसर का झटका

तलाक और मानसिक तनाव

  • मनीषा ने 2010 में नेपाली उद्योगपति सम्राट दहल से शादी की थी।
  • लेकिन शादी के कुछ ही सालों बाद उनके रिश्ते में कड़वाहट आ गई।
  • 2012 में उनका तलाक हो गया, जिसने मनीषा को मानसिक रूप से तोड़ दिया।

कैंसर की भयावह खबर

  • तलाक के कुछ ही महीनों बाद मनीषा की तबीयत बिगड़ने लगी।
  • उन्हें अंडाशय के कैंसर (Ovarian Cancer) का पता चला।
  • डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी कि इलाज के लिए उन्हें तुरंत न्यूयॉर्क जाना होगा।
  • मनीषा ने तुरंत इलाज शुरू कराया और करीब एक साल तक कीमोथेरेपी से गुजरीं।

👉 कैंसर के इलाज के दौरान:
✅ उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
✅ कीमोथेरेपी के दर्द और तकलीफों को सहा।
✅ मानसिक तनाव से उबरने के लिए मेडिटेशन और योग का सहारा लिया।


परिवार और दोस्तों का साथ छोड़ना

  • मनीषा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उनकी बीमारी के दौरान उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों ने उनसे दूरी बना ली थी।
  • लेकिन उनके परिवार ने उनका पूरा साथ दिया।
  • उन्होंने खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत किया।

👉 मनीषा ने कहा:
"मैंने अपने जीवन के सबसे मुश्किल दौर को अकेले झेला। लेकिन इसने मुझे और मजबूत बना दिया।"


बॉलीवुड में दमदार वापसी

'डियर माया' (2017)

  • मनीषा ने कैंसर से उबरने के बाद डियर माया फिल्म से वापसी की।
  • इस फिल्म में उन्होंने एक अकेली महिला का किरदार निभाया, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया।

'संजू' (2018)

  • राजकुमार हिरानी की फिल्म 'संजू' में उन्होंने संजय दत्त की मां नरगिस का किरदार निभाया।
  • उनकी परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ हुई।

ओटीटी पर सफलता

  • मनीषा ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी पहचान बनाई।
  • नेटफ्लिक्स की फिल्म 'मस्का' और 'लस्ट स्टोरीज' में उनके अभिनय को सराहा गया।

👉 वापसी के बाद उनकी परफॉर्मेंस ने दर्शकों को एक बार फिर से उनका दीवाना बना दिया।


मनीषा कोइराला की संपत्ति और जीवनशैली

मनीषा कोइराला की कुल संपत्ति लगभग 80 करोड़ रुपये आंकी जाती है।

  • वह एक फिल्म के लिए ₹2 से ₹3 करोड़ तक की फीस लेती हैं।
  • उनके पास मुंबई में एक लग्जरी अपार्टमेंट है।
  • उनके पास Mercedes Benz और BMW जैसी लग्जरी कारें हैं।

👉 मनीषा आज भी जमीन से जुड़ी हुई हैं और एक साधारण जीवन जीती हैं।
👉 वह योग, मेडिटेशन और हेल्दी डाइट को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा मानती हैं।


मनीषा कोइराला के लिए अवॉर्ड्स और सम्मान

फिल्मफेयर अवॉर्ड – 1942: ए लव स्टोरी के लिए
स्क्रीन अवॉर्ड – बॉम्बे के लिए
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड – कैंसर सर्वाइवल के बाद बॉलीवुड में योगदान के लिए

👉 मनीषा कोइराला को उनके योगदान के लिए कई इंटरनेशनल फेस्टिवल्स में भी सम्मानित किया गया है।


मनीषा कोइराला की प्रेरणा भरी बातें

  • मनीषा ने कैंसर सर्वाइवल के बाद अपनी आत्मकथा 'हील्ड' भी लिखी।
  • उन्होंने इसमें अपने संघर्ष और बीमारी के अनुभवों को साझा किया।
  • मनीषा मानती हैं कि योग, ध्यान और सकारात्मक सोच ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की ताकत दी।

👉 मनीषा का कहना है:
"हर मुश्किल के बाद एक नया सवेरा होता है।"


निष्कर्ष

मनीषा कोइराला की कहानी यह सिखाती है कि जिंदगी में कितनी भी बड़ी मुश्किलें आएं, अगर इंसान के पास हिम्मत और आत्मविश्वास हो तो हर समस्या का समाधान संभव है।

  • कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़कर उन्होंने न सिर्फ अपनी जान बचाई बल्कि अपने करियर को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
  • मनीषा कोइराला की इस संघर्ष और सफलता की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है।

👉 आपकी राय:

क्या आपको लगता है कि मनीषा कोइराला ने बॉलीवुड में जो वापसी की है, वह एक मिसाल है?
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