मूवी रिव्यू: तुमको मेरी कसम

 

मूवी रिव्यू: तुमको मेरी कसम

'तुमको मेरी कसम' 21 मार्च 2025 को रिलीज़ हुई एक बायोग्राफिकल थ्रिलर फिल्म है, जिसका निर्देशन विक्रम भट्ट ने किया है। यह फिल्म आईवीएफ तकनीक के अग्रणी डॉ. अजय मुर्डिया के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने इनफर्टिलिटी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। फिल्म में अनुपम खेर, इश्वाक सिंह, अदा शर्मा, ईशा देओल, दुर्गेश कुमार और सुशांत सिंह मुख्य भूमिकाओं में हैं।

मूवी रिव्यू: तुमको मेरी कसम
मूवी रिव्यू: तुमको मेरी कसम
 

कहानी

कहानी की शुरुआत होती है डॉ. अजय मुर्डिया (अनुपम खेर) पर उनके कंपनी के बोर्ड मेंबर राजीव के मर्डर की कोशिश के इल्जाम से। इसके बाद फिल्म फ्लैशबैक में जाती है, जहां युवा अजय मुर्डिया (इश्वाक सिंह) और उनकी पत्नी इंदिरा (अदा शर्मा) की प्रेम कहानी और संघर्ष को दिखाया गया है। अजय, जो पहले एक शिक्षक थे, इनफर्टिलिटी के क्षेत्र में अपना करियर बनाते हैं और इस दौरान कई चुनौतियों का सामना करते हैं। कहानी वर्तमान और अतीत के बीच घूमती है, जिसमें कोर्टरूम ड्रामा, प्रेम, संघर्ष और धोखे के तत्व शामिल हैं।

निर्देशन और पटकथा

विक्रम भट्ट ने एक सच्ची घटना पर आधारित इस कहानी को पर्दे पर लाने का प्रयास किया है। हालांकि, फिल्म की पटकथा में दो टाइमलाइन के बीच स्विच करने के कारण कुछ जगहों पर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। फर्स्ट हाफ धीमा है, जबकि सेकंड हाफ में कोर्टरूम ड्रामा गति पकड़ता है। फिल्म का रनटाइम लंबा है, जिससे दर्शकों की रुचि कम हो सकती है।

अभिनय

  • अनुपम खेर: डॉ. अजय मुर्डिया के किरदार में अनुपम खेर ने अपनी गहरी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है।

  • इश्वाक सिंह: युवा अजय के रूप में इश्वाक सिंह ने अपने किरदार को सजीव किया है और उनकी परफॉर्मेंस प्रभावशाली है।

  • अदा शर्मा: इंदिरा के किरदार में अदा शर्मा ने मासूमियत और सरलता के साथ अभिनय किया है, जो दर्शकों को प्रभावित करता है।

  • ईशा देओल: धाकड़ वकील मीनाक्षी के रूप में ईशा देओल ने दमदार प्रदर्शन किया है।

  • दुर्गेश कुमार: कोर्टरूम सीन में उनकी छोटी लेकिन प्रभावशाली भूमिका उल्लेखनीय है।

संगीत और तकनीकी पक्ष

फिल्म का संगीत औसत दर्जे का है, जिसमें 'इश्का इश्का' गीत थोड़ा यादगार है। नरेन ए गड़िया की सिनेमैटोग्राफी अच्छी है, जो लखनऊ की गलियों को जीवंत करती है। हालांकि, फिल्म की लंबाई और धीमी गति दर्शकों की धैर्य की परीक्षा लेती है।

निष्कर्ष

'तुमको मेरी कसम' एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है, जो प्रेम, संघर्ष और कोर्टरूम ड्रामा को समेटे हुए है। अनुपम खेर और अन्य कलाकारों के मजबूत अभिनय के बावजूद, फिल्म की धीमी गति और लंबाई इसे कम प्रभावशाली बनाती है। यदि आप बायोग्राफिकल फिल्मों के शौकीन हैं और धैर्यपूर्वक एक गहरी कहानी का अनुभव करना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए हो सकती है।

रेटिंग: ⭐⭐⭐/5

क्यों देखें: सच्ची कहानियों के शौकीन और कलाकारों की बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए यह फिल्म देखी जा सकती है।

क्यों न देखें: यदि आप तेज गति वाली फिल्मों के प्रशंसक हैं, तो यह फिल्म आपको कम आकर्षित कर सकती है।

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